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शुक्रवार, 4 मार्च 2016

शारदा चिटफंड घोटाला मामले में पी. चिदंबरम की पत्नी को समन, सीबीआइ करेगी पूछताछ

शारदा चिटफंड घोटाला मामले में पी. चिदंबरम की पत्नी को समन,
सीबीआइ करेगी पूछताछ
भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम और फंसते नजर आ रहे हैं। ताजा मामले में पी. चिदंबरम की पत्नी नलिनी चिदंबरम को शारदा चिटफंड घोटाले में सीबीआइ समन भेज दिया गया है। सीबीआइ ने समन देकर पूछताछ के लिए बुलाया है। उनके साथ 10 मार्च को पूछताछ होगी।

शारदा चिटफंड घोटाले की चार्जशीट में चिदंबरम की पत्नी नलिनी चिदंबरम का भी नाम आया था। इस मामले में सोमवार को सीबीआइ की ओर से दाखिल छठी पूरक चार्जशीट में उनका जिक्र गवाह या आरोपी के तौर पर नहीं किया है बल्कि इसमें कहा गया था कि नलिनी विवादित डील की ‘राजदार’ थीं।

इससे पहले सीबीआइ ने साल 2014 में भी नलिनी से पूछताछ की थी। सारदा समूह की ओर से नलिनी को कानूनी सलाह के लिए दिए गए शुल्क के सिलसिले में पूछताछ की गई। सारदा समूह के अध्यक्ष सुदीप्त सेन ने कांग्रेस नेता मतंग सिंह से अलग रह रहीं उनकी पत्नी मनोरंजना सिंह के अनुरोध पर वकील के तौर पर नलिनी की सेवाएं लेने का उल्लेख किया था। सेन ने दावा किया था कि सारदा समूह ने वकील नलिनी को कानूनी सलाह के शुल्क के तौर पर एक करोड़ रुपए का भुगतान किया था।

बुधवार, 2 मार्च 2016

इशरत जहां केसः नरेंद्र मोदी और अमित शाह को फंसाने में घिरे चिदंबरम

इशरत जहां केसः नरेंद्र मोदी और अमित शाह को फंसाने में घिरे चिदंबरम
इशरत जहां केसः नरेंद्र मोदी और अमित शाह को फंसाने में घिरे चिदंबरम
संप्रग सरकार ने नरेंद्र मोदी की राह में कांटे बिछाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने के साथ-साथ अपने अधिकारियों को भी प्रताडि़त किया था। उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके सिपहसालार अमित शाह को इशरत जहां मुठभेड़ में फंसाने की साजिश में पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम अब खुद फंसते जा रहे हैं।

खुफिया ब्यूरो के पूर्व विशेष निदेशक राजेंद्र प्रसाद और पूर्व गृह सचिव जीके पिल्लई के बाद अब गृह मंत्रालय के पूर्व अवर सचिव आरवीएस मणि ने सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने इस मामले में झूठे बयान के लिए सीबीआइ पर प्रताडि़त करने का आरोप लगाया है। मणि ने कहा कि इशरत का इनपुट देने वाले आइबी के विशेष निदेशक राजेंद्र कुमार व अन्य अधिकारियों को फंसाने के लिए 2013 में सीबीआइ ने उनसे पूछताछ शुरू की।

उन्होंने बताया कि इशरत मामले की जांच कर रहे सीबीआइ के वरिष्ठ अधिकारी संतोष वर्मा ने उन्हें बुरी तरह प्रताडि़त किया था। आइबी के अधिकारियों के खिलाफ बयान देने के लिए तैयार नहीं होने पर उन्हें जलती सिगरेट से दागा गया। एक न्यूज चैनल को उन्होंने अपने वे कपड़े दिखाए, जो दागे जाने के दौरान जल गए थे।


मंगलवार, 1 मार्च 2016

इशरत जहां मामले में पूर्व गृहसचिव का बयान, चिदंबरम ने किया था हलफनामे में बदलाव

इशरत जहां मामले में पूर्व गृहसचिव का बयान, चिदंबरम ने किया था हलफनामे में बदलाव
इशरत जहां मुठभेड मामले में लेकर पूर्व गृह सचिव जीके पिल्लई ने कहा कि सप्रंग सरकार में गृहमंत्री रहे पी चिदंबरम के पास हलफनामें में बदलाव करने का अधिकार था और उन्होंने उस अधिकार का इस्तेमाल करते हुए हलफनामें में बदलाव किया। इससे पहले पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम ने इशरत जहां मामले में दूसरे हलफनामे का समर्थन करते हुए कहा कि दूसरा हलफनामा इसलिए दायर किया गया क्योंकि पहला हलफनामा अस्पस्ट था। इससे पहले पिल्लई ने आरोप लगाया था कि इशरत जहां मामले में दायर किया गया दूसरा हलफनामा राजनीति से प्रेरित था।

क्या है पूरा मामला?

सप्रंग सरकार में गृह सचिव रहे जी के पिल्लई ने शुक्रवार का दावा किया था कि पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम ने इशरत जहां मुठभेड़ मामले में दायर किए गए हलफनामे की फाइल एक महीने बाद वापस मंगाई थी। पिल्लई के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट में दायर पहले हलफनामे में इशरत जहां और उसके बाकी साथियों को लश्कर ए तैयबा का आतंकी बताया गया था।

गुरुवार, 25 फ़रवरी 2016

संसद हमले में अफजल गुरु की भूमिका पर संदेह : पी चिदंबरम

संसद हमले में अफजल गुरु की भूमिका पर संदेह : पी चिदंबरम
संसद हमले में अफजल गुरु की भूमिका पर संदेह : पी चिदंबरम
संसद पर हमले के दोषी आतंकी अफजल गुरु को फांसी दिए जाने के तीन साल बाद कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम का विवादित बयान सामने आया है। अंग्रेजी अखबार इकनॉमिक टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू को चिदंबरम ने कहा कि साल 2001 में हुए संसद हमले में अफजल गुरु की भागीदारी में उन्हें गंभीर संदेह है।

चिदंबरम उस सवाल का जवाब दे रहे थे जिसमे उनसे अफजल गुरु पर अदालत के फैसले को प्रतिक्रिया मांगी गई थी।

चिदंबरम ने इंटरव्यू में कहा कि 'मुझे लगता है कि अफजल गुरु के मामले में सही ढंग से निर्णय नहीं लिया गया। लेकिन सरकार में रहते हुए आप अदालत के फैसले पर सवालिया निशान नहीं लगा सकते, क्योंकि सरकार की तरफ से ही उस पर मुकदमा चलाया गया था। हालांकि एक आजाद नागरिक के तौर पर मैं ये कह सकता हूं कि इस पर सही फैसला नहीं किया गया।' चिदंबरम ने कहा कि अफजल गुरु को बिना पेरोल के उम्रकैद की सजा सुनाई जा सकती थी।