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सोमवार, 1 अगस्त 2016

जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की कोशिश कर रहा एक आतंकी ढेर, एनकाउंर जारी

सुरक्षाबलों ने नौगाम के पास घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे एक आतंकी को मुठभेड़ में मार गिराया है। सुरक्षाबलों और घुसपैठियों के बीच मुठभेड़ अब भी जारी है। सुरक्षाबलों ने मारे गए आतंकी के पास से एक एके-47 बंदूक बरामद की है।

इससे पहले भी 29 और 30 जुलाई की रात को भी सुरक्षाबलों ने नौगाम सैक्टर के पास घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया था। सेना के मुताबिक एलओसी के पास तैनात सैनिकों ने पाकिस्तान की तरफ से कुछ लोगों को भारत की सीमा में घुसते हुए देखा। सेना ने जब उनसे आत्मसमर्पण करने को कहा तो उन्होंने सैनिकों पर गोलियां चलानी शुरू कर दी। सेना ने जवाबी कार्रवाई की जिसमें दो आतंकी ढेर हुए। इस मुठभेड़ में सेना के दो जवान भी शहीद हुए थे।

पिछले साल इसी अवधि में घुसपैठ के 29 प्रयास हुए थे जबकि इस साल जून तक तक ये प्रयास 90 के करीब पहुंच चुके हैं। अगले महीने से इस इलाके में बर्फबारी होने की उम्मीद है इस वजह से सीमा पार से आतंकियों को घुसपैठ कराने की कोशिश और तेज हो गई है क्योंकि बर्फबारी हो जाने के बाद घुसपैठ करना काफी मुश्किल हो जाता है।

शुक्रवार, 29 जुलाई 2016

तेलंगाना: होटल के कमरों से दी जा रही थी मेडिकल प्रवेश परीक्षा

तेलंगाना अपराध जांच ब्यूरो (सीआईडी) ने दावा किया है कि इंजीनियरिंग, कृषि और मेडिकल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (EAMCET- 2) के पेपर लीक होने के पीछे एक रैकेट का हाथ है। अभी तक इस मामले में सात आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
एनडीटीवी में छपी खबर के मुताबिक, पुलिस की जांच में पता चला है कि 70 से ज्यादा छात्रों ने तेलंगाना से मुंबई, बेंगलुरु और आंध्र प्रदेश के लिए फ्लाइट पकड़ी थी। छात्रों ने इन शहरों के होटलों से ही प्रश्न पत्रों को हल किया था।


पुलिस सूत्रों ने बताया कि सभी छात्र परीक्षा से कुछ ही देर पहले अपने घर लौटे थे। छात्रों को इस एग्जाम में काफी अच्छे अंक मिले थे। पुलिस का कहना है कि छात्रों ने परीक्षा से पहले प्रश्न पत्रों को हासिल करने के लिए 10 से 30 लाख रुपये दिए थे।

मंगलवार, 26 जुलाई 2016

J&K: सेना और आतंकियों की बीच एनकाउंटर में 4 आतंकी ढेर, एक जिंदा पकड़ा गया

जम्मू-कश्मीर के नौगाम में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ जारी है। एनकाउंटर में अबतक 4 आतंकियों के मारे जाने की खबर है जबकि सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को जिंदा पकड़ा है। फिलहाल सुरक्षाबलों ने इलाके को चारों तरफ से घेर लिया है। पूरे इलाके में भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने जिंदा पकड़े गए आतंकी को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि जिंदा पकड़े गए आतंकी से पाकिस्तान को एक्पोज करने में मदद मिलेगी।
श्रीनगर में कर्फ्यू खत्म
हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद से श्रीनगर के कई प्रतिबंधित क्षेत्रों से कर्फ्यू हटा लिया गया है। श्रीनगर के जिला जज ने बयान जारी कर कहा कि श्रीनगर के किसी भी इलाके में जाने पर लगी रोक हटा ली गई है।

मंगलवार, 7 जून 2016

जानें, पुलिस क्यों बार-बार बन रही है लोगों के गुस्से का शिकार

क्या पुलिस का इकबाल कम हो रहा है ? क्या राजनीति की बेजा दखलंदाजी की वजह से पुलिसिया खौफ कम हो रहा है ? या खुद पुलिस अपनी करतूतों की वजह से लोगों का शिकार बन रही है। खाकी पर हो रहे हमलों के लिए कोई एक वजह जिम्मेदार नहीं है। विश्लेषकों का मानना है कि पुलिसिया महकमे में भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा की वजह से पुलिस आसानी से लोगों का निशाना बन रही है। इसके अलावा राजनीतिक स्तर पर दखलंदाजी की वजह से पुलिस की एकपक्षीय कार्रवाई भी लोगों के असंतोष की वजह बन जाती है। हाल ही में घटी कुछ घटनाओं की वजह से ये साफ होता है कि पुलिस का मनोबल गिर रहा है।
इलाहाबाद में बवाल
इलाहाबाद में आज अंतिम संस्कार के दौरान बवाल हो गया। झूंसी इलाके में अंत्येष्टि जल्दी करने के लिए पुलिस के दबाव से लोग नाराज हो गये। इसके बाद बवाल में पथराव के प्रशिक्षु आइपीएस सहित एक दर्जन पुलिसकर्मी घायल हैं। इलाहाबाद में रविवार शाम को सेंट्रल जेल नैनी के बाहर गोली तथा बम से हमला कर ज्ञान चंद्र की हत्या कर दी गई थी। आज ज्ञान चंद्र की अंत्येष्टि के दौरान जमकर बवाल हुआ। परिवार वालों ने रहिमापुर झूंसी तिराहे पर शव रख कर चक्का कर दिया। इसके बाद पुलिस वालों ने अंत्येष्टि के लिए दवाब बनाया तो ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। पथराव को रोकने के लिए पुलिस ने हवाई फायरिंग शुरू कर दी। पथराव में प्रशिक्षु आइपीएस गणेश साहा समेत एक दर्जन पुलिस वाले घायल हो गये। घायलों को स्वरूप रानी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस बीच पुलिस ज्ञान चंद्र के शव को कब्जे में लेकर दारागंज जा रही है। यहां अंतिम संस्कार कराया जाएगा। कल ज्ञानचंद्र के घर वाले जेल में बंद उसके पिता चंद्रभान को परोल पर छोड़े जाने की मांग पर अड़ गए थे। इस वजह से उसकी अंत्येष्टि नहीं हो सकी थी। इसे आज सुबह कराने का फैसला लिया गया था।

सोमवार, 23 मई 2016

श्रीनगर: पुलिस थाने के बाद CRPF पोस्ट पर आतंकी हमला, 3 जवान शहीद

श्रीनगर: पुलिस थाने के बाद CRPF पोस्ट पर आतंकी हमला, 3 जवान शहीद
श्रीनगर: पुलिस थाने के बाद CRPF पोस्ट पर आतंकी हमला, 3 जवान शहीद
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में एक के बाद एक हुए दो आतंकी हमलों से अफरा-तफरी मच गई है। जदीबल इलाके के पुलिस थाने पर हमले के बाद आतंकियों ने टेंगपोरा बटमालू में सीआरपीएफ पोस्ट को अपना निशाना बनाया है। इस हमले में पुलिस का एक जवान शहीद हो गया है। बताया जा रहा है कि आतंकवादी जवानों से एक राइफल भी छीनकर फरार हो गए।


इससे पहले सुबह करीब सवा ग्यारह बजे बाइक सवार दो आतंकियों ने जदीबल पुलिस थाने में ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस हमले में पुलिस के जो जवान एएसआई नजीर अहमद और सिपाही बशीर अहमद जवान शहीद हो गए। जबकि दो जवान घायल हो गए। घायल जवानों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इन हमलों के बाद 15 कॉर्प्स के ग्रुप ऑफ कमांडर सतीश दुआ ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि आर्मी, पुलिस और सीआरपीएफ ऐसे खतरों से निपटने के लिए तैयार है। आतंकियों को अपने मकसद में कामयाब नहीं होने देंगो
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बुधवार, 30 मार्च 2016

सड़क दुर्घटना में मदद करने वालों को पुलिस नहीं करेगी परेशानः सुप्रीम कोर्ट

सड़क दुर्घटना में मदद करने वालों को पुलिस नहीं करेगी परेशानः सुप्रीम कोर्ट
सड़क दुर्घटना में मदद करने वालों को पुलिस नहीं करेगी परेशानः सुप्रीम कोर्ट
सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों की मदद करने वाले लोगों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अाज केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों को मंजूरी दी। इससे पहले सड़क दुर्घटना में मदद करने वालों को पुलिस या अन्य प्राधिकरण की अोर से परेशान किया जाता था।

न्यायमूर्ति वी गोपाल गौड़ा और अरुण मिश्रा ने केंद्र सरकार से कहा कि इन दिशानिर्देशों का व्यापक प्रचार करने की जरूरत है ताकि संकट के समय लोग दूसरों की मदद करने के लिए अागे अाएं अौर किसी अधिकारी द्वारा प्रताड़ित न हो।

इन आदेशों के बाद दुर्घटना में घायल लोगों की मदद करने और अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों को पुलिस जांच के नाम पर परेशान और उन्हें लंबी कानूनी प्रक्रिया से छुटकारा मिलेगा। गौरतलब है कि सेव लाइफ फाउंडेशन नामक संगठन ने 2012 में याचिका दाखिल कर कहा था कि सड़क पर लोग इसलिए जख्मी लोगों की मदद नहीं करते क्योंकि फिर पुलिस उन्हें परेशान करती है। इसके बाद केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसके लिए गाइडलाइन जारी की थी।