स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने कारोबारी विजय माल्या के साथ किंगफिशर एयरलाइन्स के लोन के लिए एकमुश्त समझौते की इच्छा जताई है। लेकिन, माल्या को इसके लिए ब्याज के साथ बकाया मूल राशि और कानूनी फीस चुकानी होगी। हालांकि माल्या ने कुछ ऐसी शर्तें रखी है जो एसबीआई को स्वीकार नहीं है।
टीओआई में छपी खबर के मुताबिक, एसबीआई की चेयरमैन अरुंधति भट्टाचार्य ने ये बातें संसदीय पैनल को बताई है। अरुंधति कर्जा वसूली कानून में संशोधनों की छानबीन कर रही है। अरुंधति ने आल पार्टी पैनल के सदस्यों को बताया कि “हम ब्याज के ऊपर ब्याज लगाने पर जोर नहीं डाल रहे हैं।“
फरवरी 2014 में जारी नीलामी नोटिस के मुताबिक ऋणदाता का 6,963 करोड़ रुपये बकाया है जिसमें चक्रवृद्धि ब्याज भी शामिल है। दंडात्मक ब्याज के बाद उन्होंने 9,000 करोड़ रुपये की देनदारी का दावा किया है।
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