प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को वेतन और पेंशन लाभों पर सातवें केंद्रीय वेतन आयोग (सीपीसी) की सिफारिशों को लागू करने को अपनी मंजूरी दी जिसे 1 जनवरी, 2016 से ही प्रभावी माना जाएगा।
कैबिनेट के निर्णयानुसार, वेतन एवं पेंशन लाभों की बकाया राशि का भुगतान चालू वित्त वर्ष (2016-17) के दौरान ही कर दिया जाएगा, जबकि इससे पहले बकाया राशि के कुछ हिस्सों का भुगतान अगले वित्त वर्ष में किया जाता था। वित्त मंत्रालय द्वारा सातवें वेतन आयोग पर 11 बिंदुओं का एक बयान जारी किया गया है, जिसका विवरण इस प्रकार है-
- पे बैंड एवं ग्रेड पे की वर्तमान प्रणाली समाप्त कर दी गई है और आयोग की सिफारिश के अनुरूप एक नई वेतन संरचना (पे मैट्रिक्स) को मंजूरी दी गई है। अब से कर्मचारी के दर्जे का निर्धारण पे मैट्रिक्स में उसके स्तर के आधार पर होगा, जबकि अभी तक ग्रेड पे के अनुसार इसका निर्धारण होता था। अलग-अलग वेतन संरचनाएं असैन्य (सिविलयन), रक्षा कार्मिकों और सैन्य नर्सिंग सेवा के लिए तैयार की गई हैं। इन संरचनाओं के पीछे सिद्धांत और तर्क एक समान हैं।
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