शिवसेना के दिवंगत नेता बाला साहेब को लेकर उनके बड़े बेटे जयदेव ठाकरे ने कहा कि बाल ठाकरे की राजनीति करने का अंदाज उन्हें कभी समझ नहीं आया। जयदेव ने कहा कि विरोधियों पर भाषणों में हमले और व्यक्तिगत तौर पर संबंध दोनों विरोधाभासी बातें थीं। लिहाजा वो राजनीति से दूर रहे।
बता दें, बाल ठाकरे की वसीयत का मामला बॉम्बे हाईकोर्ट में है। बाल ठाकरे के बड़े बेटे जयदेव ठाकरे ने बाल ठाकरे की वसीयत को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें संपत्ति का कोई हिस्सा नहीं दिया गया है।
बॉम्बे हाईकोर्ट में बाल ठाकरे की वसीयत को लेकर हो रही सुनवाई के दूसरे दिन जयदेव ने कहा कि राजनीति के दोहरे मापदंड के कारण वो राजनीति में नहीं आए। इसी के चलते एक पिता और बेटे के बीच संबंध मधुर नहीं रहे।
उद्धव ठाकरे के वकील रोहित कपाड़िया की तरफ से पूछे गए एक सवाल के जवाब में जयदेव ने स्वीकार किया कि बाल ठाकरे उन्हें अपना उत्तराधिकारी बनाना चाहते थे। लेकिन, उन्हें राजनीति पसंद नहीं थी।
उद्धव ठाकरे के वकील रोहित कपाड़िया की तरफ से पूछे गए एक सवाल के जवाब में जयदेव ने स्वीकार किया कि बाल ठाकरे उन्हें अपना उत्तराधिकारी बनाना चाहते थे। लेकिन, उन्हें राजनीति पसंद नहीं थी।
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