सात दशक पहले बनी इस सुरंग को पहली बार 1947 में स्विस इंजीनियर कार्ल एडवर्ड ग्रूनर ने डिजाइन किया था। परियोजना की बड़ी लागत, नौकरशाही प्रक्रियाओं में देरी तथा अन्य व्यवधानों के चलते यह परियोजना वर्ष 1999 तक लटकी रही। तब से अभी तक, इन 17 वर्षों के दौरान 12 बिलियन स्विस फ्रेंक ( 12 बिलियन डॉलर) से ज्यादा की लागत से बनकर इस सुरंग का निर्माण पूरा हो सका है जो अब उद्घाटन के लिए तैयार है।
इसकी पहली यात्रा के समय इस ट्रेन में जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल, फ्रांस के राष्ट्रपति ओलांद और इटली के प्रधानमंत्री माटेओ रेन्ज़ी भी मौजूद रहेंगे जिनके साथ स्विस अधिकारी भी होंगे। दिसंबर तक जब इस सुरंग को पूरी तरह से सेवा के खोल दिया जाएगा तो ज्यूरिख से उत्तरी इटली स्थित मिलान तक का सफर मात्र दो घंटे चालीस मिनट में पूरा किया जा सकेगा और इससे लगभग एक घंटे की बचत होगी। इससे सड़क पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा। स नए मार्ग का उद्देश्य रेल भाड़े को कम करना है। स्विस फेडरल रेल सेवा के अनुसार, 2020 तक प्रतिदिन यात्रा करने वाले रेलयात्रियों की संख्या 9000 से बढ़कर 15000 तक हो सकती है।
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इसकी पहली यात्रा के समय इस ट्रेन में जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल, फ्रांस के राष्ट्रपति ओलांद और इटली के प्रधानमंत्री माटेओ रेन्ज़ी भी मौजूद रहेंगे जिनके साथ स्विस अधिकारी भी होंगे। दिसंबर तक जब इस सुरंग को पूरी तरह से सेवा के खोल दिया जाएगा तो ज्यूरिख से उत्तरी इटली स्थित मिलान तक का सफर मात्र दो घंटे चालीस मिनट में पूरा किया जा सकेगा और इससे लगभग एक घंटे की बचत होगी। इससे सड़क पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा। स नए मार्ग का उद्देश्य रेल भाड़े को कम करना है। स्विस फेडरल रेल सेवा के अनुसार, 2020 तक प्रतिदिन यात्रा करने वाले रेलयात्रियों की संख्या 9000 से बढ़कर 15000 तक हो सकती है।
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