इंटर टॉपर्स घोटाले में अब ए्क-एक कर खुलासे हो रहे हैं। अब इस मामले में अब एक नई जानकारी सामने आई है। मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल, एसआईटी के सूत्रों से जानकारी मिली है कि कि घोटालेबाज पांच लाख रुपए में इंटरमीडिेएट का फर्जी सर्टिफिकेट बेच देते थे।
सूत्रों ने बताया कि इस मामले में गिरफ्तार किए गए एक शख्स ने एसआईटी को यह जानकारी दी है। उसने बताया कि पांच लाख रुपए में इंटरमीडियट का फर्जी सर्टिफिकेट कोई भी स्टूडेंट हासिल कर सकता है। इसके लिए न तो नामांकन की जरूरत थी और न ही परीक्षा में बैठने की। इस शख्स के खुलासे के बाद पुलिस की टीम औरंगाबाद जिले में जांच के लिए पहुंची है।
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