प्रदेश में करीब पांच वर्ष बाद हो रही टीजीटी-पीजीटी परीक्षा एक बार फिर विवाद में है। अब इसमें एक विषय के 62 में से 58 प्रश्न एक ही गाइड से पूछे गये हैं।
गलत सवालों और तमाम त्रुटियों को लेकर आलोचनाओं के घेरे में चल रहा माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड एक और विवाद में फंस गया है। हाल ही में हुई टीजीटी-2011 परीक्षा के समाज शास्त्र विषय में इतिहास के अधिकांश प्रश्न एक ही गाइड से पूछे गये हैं। इस विषय में 62 सवाल थे जिसमें 58 प्रश्न उक्त गाइड से हैं। प्रतियोगी छात्रों का आरोप है कि परीक्षा में युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया गया है।
लंबे समय तक कोरम के अभाव में निष्क्रिय रहे माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की टीजीटी-पीजीटी-2011 परीक्षा मानो मजाक हो गई है। इसमें मिली गड़बडिय़ों ने चयन बोर्ड में अधिकारियों की उदासीनता और लापरवाही को उजागर कर दिया है। समाज शास्त्र में चार विषयों से सवाल पूछे जाते हैं जिनमें से कोई दो विषय छात्रों को हल करने होते हैं। इतिहास का विकल्प लेने वाले छात्रों ने प्रश्नों के उत्तर चेक करने शुरू किए तो 58 प्रश्न के हल एक ही गाइड में से मिले। अभ्यर्थी यह देखकर हैरत में थे कि गाइड में उत्तरों के विकल्प का जो क्रम दिया गया था, हूबहू प्रश्नपत्र में भी था।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें