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मंगलवार, 8 मार्च 2016

UPA से 5 गुना तेज NDA सरकार, एक साल में बनाए 5 लाख से ज्यादा घर

UPA से 5 गुना तेज NDA सरकार, एक साल में बनाए 5 लाख से ज्यादा घर
UPA से 5 गुना तेज NDA सरकार, एक साल में बनाए 5 लाख से ज्यादा घर
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के मुकाबले मौजूदा राजग सरकार की काम करने की गति पांच गुनी है। शहरी गरीबों के लिए एक साल में पांच लाख मकान बना दिए। जबकि पिछली सरकार के दो कार्यकाल के दौरान कुल दस लाख मकान ही बनाए जा सके थे। सबको मकान देने के वायदे को पूरा करने को लेकर सरकार व्यापक स्तर पर जुटी हुई है।

पिछली संप्रग सरकार के दौरान शहरी गरीबों के लिए कुल 14 लाख मकान बनाने की कई परियोजनाएं मंजूर की गई। लेकिन इनमें से केवल 10 लाख मकान ही बनाए जा सके थे। इनमें से ज्यादातर आवास जवाहर लाल नेहरु शहरी रिन्यूवल मिशन के तहत बनाए गए थे। केंद्र की मौजूदा राजग सरकार ने सत्ता में आते ही वर्ष 2022 तक सबको आवास देने का ऐलान कर दिया। उसी के मद्देनजर शहरी क्षेत्रों में न्यूनतम आय वर्ग के लोगों के लिए मकान बनाने की प्रधानमंत्री आवास योजना को तेज कर दिया गया।

शुक्रवार, 19 फ़रवरी 2016

ईडब्ल्यूएस के लिए बनाए जाएंगे 80 हजार से ज्यादा घर

ईडब्ल्यूएस के लिए बनाए जाएंगे 80 हजार से ज्यादा घर
ईडब्ल्यूएस के लिए बनाए जाएंगे 80 हजार से ज्यादा घर
आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) के लिए 80 हजार से ज्यादा घर बनाए जाएंगे। इसके लिए अंतरमंत्रालयी केंद्रीय आवंटन एवं निगरानी समिति ने गुरुवार को मंजूरी दी। ये घर सात राज्यों के 163 शहरों में बनाए जाएंगे। इन पर करीब चार हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा। शहरी विकास मंत्रालय के मुताबिक इन मकानों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत 1,226 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। हर घर के लिए डेढ़ लाख रुपये के हिसाब से यह सहायता दी जाएगी। इन घरों पर 4,076 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च आएगा।
पीएमएवाई के तहत देश भर में शहरी गरीबों के लिए दो करोड़ घर बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। मंत्रालय की सचिव नंदिता चटर्जी की अध्यक्षता में समिति की बुधवार को बैठक हुई। इसमें शहरी गरीबों के लिए सात राज्यों से ही ऐसे मकान बनाने के आवेदन मिले थे। इन पर विचार के बाद समिति ने मकानों के लिए सहायता देने का फैसला लिया है। इसमें सबसे ज्यादा 27,830 घर पश्चिम बंगाल में बनाए जाएंगे। सरकार शहरी गरीबों के लिए अब तक देश के 13 राज्यों में पांच लाख से ज्यादा मकान बनाने की मंजूरी दे चुकी है।