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मंगलवार, 31 मई 2016

पाकिस्तान से भारत आई 'मशाल' को सुषमा स्वराज ने ऑफर की मेडिकल सीट

डॉक्टर बनने का ख्वाब लेकर पाकिस्तान से भारत आई 'मशाल' का सपना अब पूरा होता नजर आ रहा है। मशाल को भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की पहल के बाद एक मेडिकल सीट ऑफर हुई है।
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, सुषमा स्वराज द्वारा की गई मदद के कारण पाकिस्तानी हिन्दू लड़की मशाल माहेश्वरी को मेडिकल सीट ऑफर हुई है। मशाल को ये मेडिकल सीट कर्नाटक में ऑफर हुई है।
मशाल ने इसी वर्ष सीबीएसई से 12वीं की परीक्षा दी, जिसमें उसे 91 फीसद अंक मिले। लेकिन भारतीय कानून के मुताबिक वह मेडिकल एंट्रेंस में नहीं बैठ सकती थी। क्योंकि ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट ( एआईपीएमटी) के आवेदन पत्र में सिर्फ एनआरआई और भारतीय दो ही विकल्प दिये गए हैं।

निर्दोष निसार ने 23 साल काटी जेल, रिहा होने पर कहा 'अब हूं जिंदा लाश'

अयोध्या में ‌विवादित ढांचे को गिराए जाने के एक साल बाद 15 जनवरी, 1994 को निसार उद दीन अहमद को गिरफ्तार किया गया था। कनार्टक के गुलबर्ग के रहने वाले निसार को बाबरी मस्जिद की शहादत की पहली बरसी पर हुए ट्रेन बम धमाकों के सिलसिले में पकड़ा गया था। इन बम धमाकों में दो यात्रियों की मौत हो गई थी और 8 घायल हो गए थे। 17 दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें और उनके साथ गिरफ्तार अन्य दो युवकों को जयपुर जेल से रिहा कर दिया हैं। वह 23 साल से जेल में थे।

निसार ने बताया कि जब उन्हें जेल में डाला गया था, तब उनकी उम्र 20 साल थी। वह तब फार्मेसी सेकेंड ईयर में पढ़ते थे। निसार ने बताया ' 15 दिन बाद एक एग्जाम होना था। मैं कॉलेज जा रहा था। पुलिस की गाड़ी इंतजार कर रही थी। एक व्यक्ति ने रिवॉल्वर दिखाई और मुझे जबरन भीतर बिठा लिया। कर्नाटक पुलिस को मेरी गिरफ़्तारी के बारे में कोई खबर ही नहीं थी। यह टीम हैदराबाद से आई थी, वे मुझे हैदराबाद ले गए।' निसार को 28 फरवरी, 1994 को अदालत के सामने पेश किया गया।
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