मंगलवार, 26 जुलाई 2016

जानें, क्यों 16 साल बाद भी अधूरा रहेगा कारगिल युद्ध का इतिहास

पूरा देश आज कारगिल युद्ध में हुई जीत की 17वीं वर्षगांठ मना रहा है। लेकिन 1999 में तीन महीने तक चली इस लंबी लड़ाई का लिखित इतिहास नहीं है।
इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय ने बीते साल जनवरी में कारगिल युद्ध के इहितास को लिखवाना शुरू किया। इतिहासकार श्रीनाथ राघवन के नेतृत्व में ये यह प्रोजेक्ट दो साल में पूरा होगा। लेकिन, सेना के वो जवान जिन्होंने कारगिल युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी। वो मंत्रालय के इतिहास विभाग को इस जंग से जुड़ी ऑपरेशनल जानकारियां नहीं दे रहे हैं।
हालांकि, सेना की उत्तरी कमांड और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (डीजीएमओ) की एक्शन रिपोर्ट के बाद छह वॉल्युम इतिहास विभाग को भेज दिए। लेकिन अन्य किसी फाइल में हिस्सा लेने से मना कर दिया। इसमें युद्ध में भाग लेने वाली सभी डिवीजन्स और ब्रिगेड की वॉर डायरी भी शामिल है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें